2013 के लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम की दी गई जानकारी

गरियाबंद, 24 जनवरी 2026

जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय के आदेशानुसार एवं जिला
महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री समीर सौरभ के मार्गदर्शन में 19 से 23 जनवरी 2026 तक महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष जागरूकता अभियान की चलाया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है ।
अधिनियम के मुख्य प्रावधान इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि यह अधिनियम सरकारी, निजी और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत सभी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करता है।
अधिनियम के तहत निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं। आंतरिक शिकायत समिति 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। स्थानीय शिकायत समिति उन संस्थानों के लिए जहां 10 से कम कर्मचारी हैं या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध है, जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति कार्य करती है।
जागरूकता नियोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने कर्मचारियों को इस कानून और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें।पीड़ित महिला घटना के तीन महीने के भीतर लिखित शिकायत समिति को दे सकती है।
अधिनियम के तहत शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।
अधिनियम अंतर्गत जानकारी दी गई कि जहां 10 व 10 से अधिक कर्मचारियो के होने पर महिला उत्पीड़न समिति गठन करना आवश्यक है साथ ही एसएचई- बाक्स पोर्टल मंे आंतरिक शिकायत समिति प्रविष्टि करने के संबंध में जानकारी दी गई। वर्ष के अंत में अधिनियम की धारा 21 के तहत वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध मे भी विस्तृत जानकारी दिया गया। प्रचार प्रसार के दौरान बताया गया कि समिति 3 वर्ष के लिए गठन किया जाना है।
तत्पश्चात् पुनः समिति का पुनर्गठन किया जाना है। कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी नवा बिहान श्रीमती लता पटेल, मिशन समन्वयक हब सुश्री मनीषा वर्मा, जेण्डर विशेषज्ञ हब श्रीमती पदमनी दीवान, वित्तीय साक्षरता हब सुश्री शोभा मरकाम, पर्यवेक्षक चाईल्ड लाईन श्रीमती योगिता देवांगन, केस वर्कर चाईल्ड लाईन श्री राज सिदार, सुश्री निशा नेताम पैरालीगल कर्मिक सखी वन स्टॉप सेंटर, सुश्री शोभा मरकाम का विशेष योगदान रहा।
