
छाल : (रायगढ़)। क्षेत्र में बदहाल सड़क की हालत से त्रस्त होकर स्थानीय ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर छाल क्षेत्र में ग्रामीण ओबीसी महासभा के चैतूराम साहू ने मौन भूख-हड़ताल शुरू कर दी है।

यह सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकराल हो जाती है — कीचड़, गड्ढे और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

जनता का आक्रोश, प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि अब उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मौन भूख-हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है, “हम सिर्फ एक बुनियादी सुविधा मांग रहे हैं — एक ऐसी सड़क जो सालभर उपयोग लायक हो। प्रशासन की लगातार अनदेखी अब बर्दाश्त के बाहर हो गई है।
”नेताओं और अधिकारियों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब नदारद हैं।यदि जल्द ही सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
प्रशासन कब जागेगा?
अब देखने वाली बात यह है कि क्या मौन भूख-हड़ताल प्रशासन को नींद से जगाने में सफल होगी या फिर जनता को इसी बदहाली में जीने को मजबूर रहना पड़ेगा।
> जनहित में यह मांग है — हमें सड़क चाहिए, वादे नही

