
संवेदनशील मुद्दा मानते हुए उप मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्यवाही का दिया आश्वासन

रायपुर । विदित हो कि मनरेगा योजना अंतर्गत कार्यरत कर्मियों द्वारा योजना प्रारंभ तिथि 2 फरवरी 2006 से आज पर्यंत अपनी सेवाएं छत्तीसगढ़ राज्य के अग्रिम पंक्ति के व्यक्तियों के आजीविका रोजगार के लिए सुनिश्चित करने हेतु कार्य कर रहे हैं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समस्त योजनाओं को धरातल में क्रियान्वयन करने का कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार को 10 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है परंतु आज भी यह मनरेगा कर्मी अल्प वेतन और सेवा पृथक के भय के साए में कार्य करने को मजबूर हैं जिससे इनके कार्य शैली में विपरीत प्रभाव देखा जा रहा है जो की छत्तीसगढ़ राज्य के प्रगति में बाधक है। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष अजय सिंह के कुशल नेतृत्व में प्रांतीय दल ने उप मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात कर पृथक से एक बेहतर मानव संसाधन नीति तैयार करने मांग रखी । गौरतलब हो कि मनरेगा के कर्मचारी 18 वर्ष पश्चात् भी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा हेतु संघर्ष कर रहे मनरेगा कर्मचारियों की मांगों को उप मुख्यमंत्री ने संवेदनशील मुद्दा मानते हुए त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया । मनरेगा कर्मियों की मांगों को जायज ठहराते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त आयुक्त एवं ओ.एस.डी. दीपक शर्मा राज्य के मनरेगा कर्मियों की मांगों का विस्तृत जानकारी लेकर जॉब सुरक्षा, वेतन वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा व अन्य आवश्यक मांगों को संज्ञान में लेते हुए एक बेहतर नीति निर्माण करने हेतु निर्देशित किया।


