छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा पर कोयला परिवहन को लेकर लगातार गहराते विवाद पर जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस उस्मान बेग ने राज्य सरकार से तत्काल और उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है।


उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल ट्रांसपोर्ट या व्यापार का नहीं रहा, बल्कि संविधान, संघीय व्यवस्था और देश की आंतरिक शांति से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है।

जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस उस्मान बेग ने बताया कि ओडिशा के सुंदरगढ़ ज़िले की खदानों से प्रतिदिन 1000 से 1200 कोयला वाहन छत्तीसगढ़ में प्रवेश करते हैं। इन वाहनों से BGMS नामक संगठन द्वारा वर्षों से ₹150 से ₹500 प्रति गाड़ी अवैध वसूली की जा रही है। औसतन यह राशि करीब 93 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। यह पैसा न किसी सरकारी खाते में गया और न किसी वैधानिक कल्याण कार्य में, बल्कि आरोप है कि इसी धन से असामाजिक तत्वों को पाला गया और राजनीतिक संरक्षण खरीदा गया।
उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों ने इस अवैध व्यवस्था के खिलाफ आवाज़ उठाई, तो जवाब में डर, दबाव और हिंसा का सहारा लिया गया।18 जनवरी 2026 को ओडिशा से आए असामाजिक तत्वों द्वारा छत्तीसगढ़ की सीमा में घुसकर रायगढ़ ट्रक यूनियन के सदस्यों के साथ मारपीट और लूटपाट इसी का उदाहरण है।
इसके बाद दोषियों पर सख़्त कार्रवाई करने के बजाय सीमा सील कर दी गई, जिससे सैकड़ों ट्रक फँस गए और कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया।उस्मान बेग ने सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ और ओडिशा — दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, तो फिर प्रदेश के नाम पर भेदभाव, लोडिंग रोकना, भाड़े में अंतर करना और ड्राइवरों से मारपीट जैसी घटनाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है?
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और प्लांट हैं, जबकि ओडिशा में खदानें हैं — दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था एक-दूसरे पर निर्भर है, फिर यह टकराव किसके इशारे पर खड़ा किया जा रहा है?
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में हुए आंदोलन के दौरान प्रशासन की मौजूदगी में जिन शर्तों पर सहमति बनी थी, उन्हें ओडिशा के संबंधित यूनियनों द्वारा जानबूझकर लागू नहीं किया गया, और इसके बाद छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को डराने व व्यापार से बाहर करने की कोशिश की गई।
इस पूरे विवाद का असर केवल ट्रक मालिकों तक सीमित नहीं है।इससे ड्राइवर-हेल्पर, पेट्रोल पंप, ढाबा-होटल, गैरेज, टायर व पार्ट्स दुकानदारों सहित हज़ारों परिवारों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हो रही है।
युवा कांग्रेस का स्पष्ट रुखजिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस उस्मान बेग ने कहा कि शासकीय अधिकारी किसी एक राज्य के नहीं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। यदि कहीं खुलेआम क़ानून को चुनौती दी जा रही है, तो सरकार का दायित्व है कि वह कठोर कार्रवाई करे, न कि मूकदर्शक बनी रहे।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि —
• BGMS एवं उससे जुड़े लोगों द्वारा की गई अवैध वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
• 18 जनवरी की हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
• कोयला परिवहन में प्रदेश के नाम पर किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए
• लोडिंग, भाड़ा और संचालन के लिए एक समान व पारदर्शी नीति लागू की जाएअंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो युवा कांग्रेस छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों के साथ खड़ी होकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टर अपराधी नहीं हैं,वे इस राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं,और उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा ‘एक राष्ट्र, एक क़ानून’ की बात करती है,तो फिर छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों पर अलग क़ानून क्यों?
क्या यही डबल इंजन सरकार का न्याय है?
जो सरकार गुंडागर्दी पर चुप है,वह न्याय की नहीं, डर की राजनीति कर रही है।
