पंडरिया। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सदन में प्रदेश व जनहित से जुड़े प्रमुख विषयों को उठाया। उन्होंने वन भूमि में अवैध अतिक्रमण, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण, प्रदेश में जनता की सुविधा हेतु रोडवेज सेवाओं और भुईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि के विषय में प्रश्न किया।
भावना बोहरा ने पूछा कि कबीरधाम जिला अंतर्गत वन परिक्षेत्र पंडरिया के बदौरा बीट में वर्ष 2025 के दौरान संरक्षित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं पौधों को उखाड़ने की कितनी घटनाएं सामने आई हैं? उक्त मामले में अब तक कितने व्यक्तियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा संरक्षित वन भूमि पर हुए नुकसान का आकलन कर दोषियों से क्षतिपूर्ति वसूलने अथवा पुनः पौधरोपण कराने की कोई कार्रवाई प्रस्तावित है? क्या विभाग द्वारा इस क्षेत्र में भविष्य में अवैध अतिक्रमण एवं वन अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कोई विशेष कार्ययोजना अथवा निगरानी व्यवस्था लागू की गई है? जिसके लिखित उत्तर में वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम को जिला कबीरधाम अंतर्गत हस्तान्तरित वन क्षेत्र के वन परिक्षेत्र पंडरिया के बदोरा बीट में वर्ष 2025 के दौरान संरक्षित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं पौधों को उखाड़ने की 03 घटनायें सामने आई। उक्त मामले में 04 व्यक्तियों के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किये हैं तथा संबंधित वन भूमि पर किये गये वृक्षारोपण में रोपित सागौन रूटशूट को उखाड़ कर नष्ट करने से हुए नुकसान का आंकलन कर दोषियों से क्षतिपूर्ति 1,99,190 रुपए शासकीय कोषालय में जमा करने बाबत् निर्देशित किया गया है किन्तु आरोपियों द्वारा राशि जमा करने से मना किया गया जिसके परिणाम स्वरूप चारों आरोपियों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करते हुए दिनांक 10.10.2025 को माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पंडरिया के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा वन अपराध की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों को जमानत देने से इन्कार किया गया एवं जेल दाखिल आदेश किया गया। वर्तमान में उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है। विभाग द्वारा इस क्षेत्र में भविष्य में अवैध अतिक्रमण एवं वन अपराध की पुनरावृत्ति रोकने हेतु वन अमले द्वारा नियमित रूप से मासिक बीट निरीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है एवं घटित वन अपराधों पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। क्षेत्र में निरंतर गश्ती हेतु विशेष गश्ती दल का गठन किया गया है। संवेदनशील वन क्षेत्रों में सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, वन रक्षकों एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा सतत् गश्ती की जा रही है ताकि वन अपराधों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकें तथा समीपस्थ ग्राम वासियों की बैठक लेकर वन क्षेत्र में अतिक्रमण न करने की समझाईश दी जाती है।
छत्तीसगढ़ में जनता को सुगम आवागमन सुविधा के लिए भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि छत्तीसगढ़ रोडवेज का संचालन कब से बंद है तथा इसे पुनः प्रारंभ करने हेतु शासन द्वारा 11/02/2026 तक क्या-क्या प्रयास किए गए हैं? निजी बस संचालकों द्वारा निर्धारित मनमाने किराए एवं अनियमित समय-सारिणी की शिकायतों पर नियंत्रण हेतु शासन द्वारा क्या कार्रवाई की जा रही है? क्या राज्य में सस्ती, सुरक्षित एवं नियमित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पुनः स्थापित करने हेतु विचार किया जा रहा है? जिसके लिखित उत्तर में माननीय वन मंत्री जी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 13 दिसम्बर 2002 तक मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम संचालित था। उसके पश्चात राज्य में किसी भी प्रकार के रोडवेज का गठन नहीं किया गया है। पुनः प्रारंभ करने हेतु कोई योजना नही बनाई गई है। निजी बस संचालकों द्वारा मनमाने किराये एवं अनियमित समय सारणी की शिकायतों पर परिवहन विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है।
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भुईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि के विषय में उन्होंने प्रश्न किया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत क्या सभी ग्रामों में भुईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि पूर्ण रूप से दर्ज की गई है अथवा नहीं? यदि भुंईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि पूर्ण नहीं है तो ऐसी स्थिति में रजिस्ट्री/नामांतरण/राजस्व अभिलेखों में भूमि को एकफसली, द्विफसली, सिंचित अथवा असिंचित श्रेणी में दर्ज करने का आधार क्या निर्धारित किया जा रहा है? फसल प्रविष्टि में त्रुटि अथवा विलंब होने की स्थिति में किसान को होने वाली क्षति (ऋण, बीमा, मुआवजा, समर्थन मूल्य आदि) से बचाव हेतु शासन द्वारा क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है? क्या भुईया पोर्टल की फसल प्रविष्टि प्रणाली को पंजीयन विभाग, किसान पंजीयन पोर्टल एवं कृषि विभाग के डेटा से एकीकृत करने हेतु कोई कार्ययोजना प्रस्तावित है? जिसके लिखित उत्तर में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा जी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी ग्रामों में भुईयां पोर्टल पर फसल प्रविष्टि पूर्ण रूप से दर्ज की गई है। भुईंया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि पूर्ण है तथा उक्त प्रविष्टि के आधार पर रजिस्ट्री/नामांतरण/राजस्व अभिलेखों में भूमि को एकफसली, द्विफसली, सिंचित अथवा असिंचित श्रेणी में दर्ज किया जाता है। फसल प्रविष्टि में त्रुटि अथवा विलंब होने की स्थिति में पटवारी प्रतिवेदन एवं कृषि विभाग के संयुक्त प्रतिवेदन के आधार पर किसानों को क्षति का मुआवजा प्रदान किया जाता है।
भावना बोहरा ने आपातकालीन समय में संजीवनी के रूप में अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के विषय में प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अंतर्गत राज्य में अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार से धनराशि प्राप्त हुई है? जिला कबीरधाम में उपरोक्त प्राप्त धनराशि में से अब तक कितनी राशि व्यय की गई है तथा यह राशि किन-किन मदों में खर्च की गई है? वर्तमान में जिला कबीरधाम में उक्त योजना के अंतर्गत कितनी राशि शेष है? जिसके लिखित उत्तर में माननीय राजस्व मंत्री जी ने बताया कि केवल वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु भारत सरकार से रूपये 3324.30 लाख की धनराशि प्राप्त हुई है। शेष वर्षों हेतु कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। भारत सरकार द्वारा जिलेवार राशि आबंटित नहीं की गई है। जिला कबीरधाम हेतु कोई राशि व्यय नहीं की गई है।
