घरघोड़ा।नगर के बाजार में इन दिनों राजश्री पान मसाला (गुटका) के दामों को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
बिना किसी आधिकारिक घोषणा या पैकेट पर अंकित मूल्य में बदलाव के, पहले जहां 20 रुपये में चार छोटे पैकेट मिलते थे, अब दुकानों में उसी कीमत पर केवल तीन पैकेट ही दिए जा रहे हैं।
अचानक हुए इस बदलाव से ग्राहक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो टैक्स बढ़ा है और न ही कंपनी की ओर से कोई नया रेट जारी किया गया है, फिर भी बाजार में मनमाने तरीके से कीमत बढ़ा दी गई है। इससे रोजमर्रा के उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
माल दबाकर बढ़ाए जा रहे दामघरघोड़ा के छोटे किराना और गुमटी संचालकों ने बताया कि यह पूरा खेल कुछ बड़े व्यापारियों और थोक सप्लायरों द्वारा रचा जा रहा है।
आरोप है कि जानबूझकर सप्लाई कम कर दी गई है और गोदामों में माल रोककर रखा जा रहा है, ताकि बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाया जा सके।इसके बाद वही माल बढ़े हुए रेट पर खुदरा दुकानदारों को दिया जा रहा है।
मजबूरी में दुकानदार भी महंगे दाम पर खरीदकर ग्राहकों को उसी रेट पर बेचने को विवश हैं।
एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम लोग भी मजबूर हैं।
सप्लायर ही महंगा दे रहे हैं, तो कम दाम में कैसे बेचें?”अन्य ब्रांड और सिगरेट में भी गड़बड़ीबाजार में चर्चा है कि यह मनमानी केवल राजश्री तक सीमित नहीं है। अन्य पान मसाला ब्रांड और सिगरेट के दामों में भी इसी तरह का खेल चल रहा है। हालांकि सबसे ज्यादा असर और विरोध राजश्री गुटका को लेकर सामने आ रहा है।
कार्रवाई की मांग ग्राहकों और छोटे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सप्लाई और रेट की जांच कर मुनाफाखोरी पर रोक लगाई जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बाजार में यह कृत्रिम महंगाई और बढ़ सकती है।
