छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती 2023-24 एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। कुल 5967 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में “मल्टीपल सिलेक्शन” की वजह से लगभग 1800 से 2000 पद अब भी रिक्त रह गए हैं।
इस स्थिति ने हजारों मेहनतकश अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इस भर्ती के लिए सालों तक कठिन परिश्रम किया—किसी ने रोजगार छोड़ दिया, तो किसी ने दिन-रात ग्राउंड और पढ़ाई में झोंक दिया। लेकिन चयन प्रक्रिया की खामियों के चलते वे अंतिम सूची से बाहर रह गए। उनका आरोप है कि यदि मल्टीपल सिलेक्शन की स्थिति को समय रहते सही ढंग से संभाला जाता, तो आज इतने बड़े पैमाने पर पद खाली नहीं रहते।
इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा और पुलिस विभाग से गुहार लगाई है कि सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि यह सिर्फ भर्ती नहीं, बल्कि हजारों गरीब परिवारों के भविष्य का सवाल है।
अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने राज्य शासन (गृह विभाग) और पुलिस विभाग को दो महीने के भीतर सभी पद भरने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब सरकार और विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे न्यायालय के आदेश का सम्मान करें।
अभ्यर्थियों की मांग साफ है—रिक्त पड़े 1800-2000 पदों के लिए जल्द से जल्द दूसरी चयन सूची जारी की जाए, ताकि वर्षों की मेहनत और संघर्ष व्यर्थ न जाए और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल सके।
📢 अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है—क्या मिलेगी अभ्यर्थियों को न्याय?
