स्टॉलों में साक्षरता से जुड़ी अवधारणाओं का नवसाक्षरों के बीच किया गया प्रदर्शन

गौरेला पेंड्रा मरवाही, 27 जनवरी 2026


राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गणतंत्र दिवस पर जिले के सभी ग्रामों एवं नगरीय निकायों के वार्डों में उल्लास नव साक्षर मेला आयोजित किया गया। मेलों में स्टॉलों के माध्यम से साक्षरता से जुड़ी अवधारणाओं का नवसाक्षरों के बीच प्रदर्शन किया गया।
मेले में रिंग फेंको, वर्ण पहचानो, गणितीय कौशल, जोड़-घटाव तथा जीवन कौशल आधारित गतिविधियों के स्टाल लगाए गए। मेले में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे महिला एवं पुरुष शामिल हुए, जो बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय, डिजिटल, कानूनी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा चुनावी साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों की जानकारी नहीं रखते है।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि मेले का उद्देश्य नवसाक्षरों में भाषाई कौशल अंक ज्ञान एवं महत्वपूर्ण जीवन कौशल के बिंदुओं को सीखने का अवसर प्रदान करना रहा। साथ ही ग्रामों में असाक्षरों का सर्वे कर उन्हें उल्लास साक्षरता केद्रों में लाकर स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से साक्षर करना है, जिससे समाज में निरक्षरता रूपी अंधकार से उनके जीवन को मुक्ति दिलाई जा सके।
जिला नोडल अधिकारी मुकेश कोरी ने बताया कि ऐसे शिक्षार्थियों को उल्लास साक्षरता केदो में 200 घंटे अध्यापन करा कर वर्ष में दो बार आयोजित होने वाली महा परीक्षा में सम्मिलित कराकर सफल शिक्षार्थियों को एनआईओएस, नई दिल्ली द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

