आधार आधारित उपस्थिति, एएनसी पंजीयन और संस्थागत प्रसव पर कलेक्टर का सख्त फोकस
बेमेतरा, 24 मार्च 2026
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला स्वास्थ्य समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।
यह बैठक पहले जारी निर्देशों की प्रगति की समीक्षा तथा जमीनी स्तर पर कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आंकड़ों के साथ विश्लेषण किया गया।आधार आधारित उपस्थिति और 100% एएनसी पंजीयन पर विशेष जोरबैठक में कलेक्टर ने आधार आधारित उपस्थिति, गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, समय पर जांच और संस्थागत प्रसव को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीयन समय पर होना चाहिए और उनकी सभी निर्धारित जांच पूरी कराई जाए। साथ ही हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी विभाग को समन्वित कार्य के निर्देशकलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों की जानकारी का रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलान किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। साथ ही सुपोषण अभियान, पोषण पुनर्वास, टीकाकरण सत्रों की नियमितता और संयुक्त फील्ड विजिट को भी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनसीडी और एचआईवी जांच की भी समीक्षाबैठक में मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, टीकाकरण, एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज), एचआईवी जांच सहित अन्य प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और हर विकासखंड स्तर पर सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, पर्याप्त भंडारण और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई की दी चेतावनीकलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या लक्ष्य पूर्ति में शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को निर्देशित किया कि वे विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग बढ़ाएं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोरबैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण पुनर्वास, सुपोषण अभियान, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग, टीकाकरण और आंगनबाड़ी-स्वास्थ्य अमले के संयुक्त कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग का बेहतर समन्वय ही मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर, सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला नोडल अधिकारी, सभी बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मॉडल जिला बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।
