महतारी वंदन से माता संवार रही बेटी के सुख भविष्य की बुनियाद महतारी वंदन से मिले पैसों से मां ने दो बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि में पैसे कर रखी जमामहतारी वंदन से मिली राशि से दादी ने उठाए पोती के सुकन्या समृद्धि के भंडार रायगढ़ , 24 दिसंबर 2024/ माँ और बेटी का रिश्ता सादृश्य रूप से काफी मजबूत होता है। पिता-पुत्री अपने भविष्य की चिंता करते हैं, माँ भी अपने आने वाले कल को मोलभाव करने में सममूल्य की सहभागी होती है। बेटियों के आने वाले कल को संवारने में शासन की महतारी वंदन योजना को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रही हजारों पीसे को राशि से माता बेटी के सुंदर आभूषण की अपनी भविष्य बुनियाद तैयार कर रही हैं। मिलने वाली राशि से पैसा जमा कर रही हैं माता सुकन्या समृद्धि में बेटी के नाम से पैसा जमा कर रही हैं। ललिता राठिया घरघोड़ा के छोटीगुमड़ा की रहने वाली है।

उनका परिवार कृषि पर ही असंतुलित है। उनकी तीन बेटियां हैं। ललिता सीमित आय और परिवार के साथ मिलकर बेटियों के भविष्य के लिए हमेशा चिंतित रहती थी। अपनी बड़ी बेटी का सुकन्या योजना के तहत खाता नहीं जोड़ा गया था, जिसका नाम मलाल रखा गया था। इस महतारी वंदन योजना से ललिता को 1 हजार की राशि प्राप्त होने लगी जिसके कारण अब वह अपनी दूसरी बेटी हेमिका का मई 2024 में पोस्ट करके सुकन्या योजना में खाता शुरू कर रही है और सुकन्या खाते में पैसा जमा कर रही है। तीसरी बेटी साक्षी का खाता साझा करने के लिए इस महीने का फॉर्म भी इस प्रकार लाना है। ललिता ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपनी दोनों बेटियों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण की ओर कदम बढ़ाए हैं। सत्यनारायण रायगढ़ के बाजीनपाली में श्रीमती रेखा श्रीवास अपने परिवार के साथ रहती हैं। परिवार में बेटा बहु और एक 07 साल की नन्ही पोती आद्या है। बेटा सेलून में रेलवे स्टेशन और बहु गृहिणी है। सबसे पहले आद्या की सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोला गया था, पोस्टऑफिस में राशि प्रतिमाह जमा नहीं हो रहा था। मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्त होने लगी। तब से दादी रेखा श्रीवास ने अपनी पोटी के लिए प्रतिमाह 300 पीकर सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने का उठाव किया है। यह पैसे पोती आद्या की कॉलेज की पढ़ाई के लिए जमा किये जा रहे हैं।
