सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई, दीपावली पर अवैध पटाखा कारोबार करने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
रायगढ़। दीपावली के पर्व पर आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
निर्धारित स्थल से बाहर पटाखों का विक्रय करने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में रायगढ़ के पतरापाली स्थित श्री ओम पटाखा बाजार में सड़क किनारे अवैध रूप से पटाखे रखकर बिक्री किए जाने पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पटाखे जब्त किए।

जानकारी के अनुसार, श्री ओम पटाखा बाजार के विक्रेता दिनेश पटेल द्वारा निर्धारित एवं अनुमोदित विक्रय स्थल के बाहर सड़क किनारे पटाखे रखकर बिक्री की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सड़क किनारे रखे पटाखों को जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की।
निर्धारित स्थल छोड़कर कारोबार करना प्रतिबंधित
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में अस्थायी पटाखा दुकानों के संचालन, भंडारण और विक्रय स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखा विक्रय के लिए जारी अस्थायी अनुज्ञप्ति केवल नामांकित व्यक्ति, निर्धारित स्थल और स्वीकृत अवधि के लिए मान्य है।
अनुज्ञप्ति प्राप्त विक्रेता भी निर्धारित स्थल से बाहर पटाखों का भंडारण या विक्रय नहीं कर सकते। सड़क किनारे अथवा अन्य अनधिकृत स्थानों पर पटाखे बेचने से दुर्घटना और आगजनी का खतरा बढ़ सकता है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
पटाखा दुकानों के संचालन के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा नियम निर्धारित किए हैं। दुकानों के बीच न्यूनतम तीन मीटर की दूरी, अज्वलनशील सामग्री से दुकान का निर्माण तथा प्रत्येक दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य है। इसके अलावा दो बाल्टी रेत और दो बाल्टी पानी की व्यवस्था भी जरूरी है।
दुकानों में माचिस, लाइटर, मोमबत्ती और खुली आग का उपयोग प्रतिबंधित है। सुरक्षित विद्युत वायरिंग और आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है।
विक्रेता केवल अनुमत हरित पटाखों का ही विक्रय कर सकेंगे। प्रतिबंधित विदेशी पटाखों तथा निर्धारित ध्वनि मानकों से अधिक आवाज करने वाले पटाखों की बिक्री पर रोक है। पटाखों की बिक्री सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही की जा सकती है।
उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि पटाखा विक्रय का लाइसेंस प्राप्त होना सुरक्षा नियमों से छूट नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने, प्रतिबंधित पटाखों का विक्रय करने या जनसुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं विस्फोटक नियम, 2008 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसमें पटाखों की जब्ती, अनुज्ञप्ति का निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई शामिल है।
त्योहार की खुशियों के बीच सुरक्षा से समझौता नहीं
दीपावली खुशियों और उत्साह का पर्व है, लेकिन पटाखों के कारोबार में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि त्योहार के नाम पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी पटाखा विक्रेताओं से निर्धारित स्थल पर ही कारोबार करने और अग्नि सुरक्षा सहित सभी नियमों का पालन करने की अपील की है। अब देखना होगा कि दीपावली के दौरान प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले अन्य विक्रेताओं पर भी इसी तरह सख्ती बरती जाती है या नहीं।
