बस किराया बढ़ने से आम जनता, किसानों और छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा आर्थिक बोझ : एड. संतोष मारकंडे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बस किराये में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने विरोध जताते हुए राज्य सरकार से इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बस किराये में इतनी बड़ी वृद्धि से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं और नौकरीपेशा लोग आर्थिक रूप से प्रभावित होंगे। रोजाना बसों से आवागमन करने वाले लोगों के लिए यह बढ़ोतरी अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकती है।
बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता संतोष मारकंडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य में संचालित यात्री बसों के किराये में की गई वृद्धि जनहित के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बसें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक पढ़ाई, रोजगार, खेती-किसानी और अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को बढ़े हुए किराये का सीधा असर झेलना पड़ेगा।
पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करे सरकार
एड. संतोष मारकंडे ने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) में कमी करके आम जनता को राहत दे सकती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर परिवहन लागत पर भी पड़ता है। ऐसे में सरकार को बस किराये में वृद्धि करने के बजाय ईंधन की कीमतों में राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे से बाहर हैं तथा इन पर केंद्र और राज्य सरकारों के अलग-अलग कर लागू होते हैं। राज्य सरकार वैट में उचित कटौती करके ईंधन की कीमतों को कम करने की दिशा में कदम उठा सकती है। इससे परिवहन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और यात्रियों को राहत देने का रास्ता निकल सकता है।
जनता को सस्ती और सुलभ यात्रा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
बहुजन समाज पार्टी ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। ऐसे में बस किराये में भारी बढ़ोतरी करने से पहले आम जनता की आर्थिक स्थिति और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखना चाहिए।
पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि यात्री बस किराये में की गई 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए, पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए और आम जनता को सस्ती, सुलभ एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बहुजन समाज पार्टी ने स्पष्ट किया कि बढ़े हुए बस किराये को वापस लेकर सरकार को आम जनता के हित में निर्णय लेना चाहिए, ताकि महंगाई के दौर में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
