रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र के महाड़ स्थित चवदार तालाब सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता एवं सामाजिक न्याय के संदेश को व्यापक बनाने के उद्देश्य से रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रव्यापी महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा के अंतर्गत डॉ. राजेंद्र नगर स्थित पंचशील बौद्ध विहार में पंचशील बौद्ध संघ के माध्यम से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
बौद्धों के राष्ट्रीय संगठन ‘धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए (रजि.)’ द्वारा 26 अगस्त 2026 से प्रारंभ की गई इस राष्ट्रव्यापी संदेश यात्रा के माध्यम से महाड़ सत्याग्रह के ऐतिहासिक संघर्ष, सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बुद्ध वंदना और पंचशील ग्रहण के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत भगवान गौतम बुद्ध एवं भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष मोमबत्ती प्रज्वलित कर तथा पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके पश्चात उपस्थित उपासक-उपासिकाओं ने सामूहिक रूप से त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में बौद्ध विचारधारा, सामाजिक समरसता और समानता के मूल्यों को प्रमुखता दी गई।
महाड़ सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संगठन के राष्ट्रीय महासचिव आयुष्मान हरी गौतम विमल ने महाड़ सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में हुआ महाड़ सत्याग्रह सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष और समान अधिकारों की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक आंदोलन था।
उन्होंने संदेश यात्रा के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि महाड़ सत्याग्रह का इतिहास केवल अतीत की घटना नहीं, बल्कि समानता, स्वाभिमान और मानवीय अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा है।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित उपासक-उपासिकाओं से 20 मार्च 2027 को महाराष्ट्र के महाड़ पहुंचकर ऐतिहासिक सत्याग्रह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आह्वान किया।
गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुष्मान संजय गजघाटे, अपर संचालक, उद्योग ने की। कार्यक्रम का संचालन आयुष्मती कल्पना बंसोड ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आयुष्मती सपना सोनपिप्रे ने किया।
कार्यक्रम के प्रस्तावक एवं संयोजक आयुष्मान के. आर. ऊके ने प्रारंभ में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन को सफल बनाने में अनिल बसोड़, सुरेश सहारे, अरुण फूल, विनोद मेश्राम एवं ओ.पी. मेश्राम का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर आयुष्मान के. आर. ऊके, सुनील गणवीर, भोजराज गौर्खेड़े, विजय गजघाटे, अरुण बागड़े, दिलीप वासनिकर एवं पवन मेश्राम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महिला विंग की उपाध्यक्ष आयुष्मती प्रतिभा मेश्राम एवं सचिव आयुष्मती गौतमा रंगारी के साथ आयुष्मती उषा ऊके, भारती रामटेके, अंजू मेश्राम, नंदा गजघाटे, अरुणा लाड़े, पूर्णिमा यासंकर, वीणा राउत, ज्योत्सना मेश्राम एवं डॉ. योगिता लोहनेरे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके अलावा आयुष्मान नरेश गडपाल, मकरंद घोडेश्वर, शरद उके एवं शैलेश बोरकर सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम महाड़ सत्याग्रह के ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करने के साथ-साथ सामाजिक समानता, स्वाभिमान और मानवीय गरिमा के मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा का मूल उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों को समाज तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय के ऐतिहासिक संघर्ष से परिचित कराना है। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने इन विचारों को आत्मसात करने तथा समाज में समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
