
रिपोर्टर सुखदेव आजाद
जिला शक्ति
सक्ती (छत्तीसगढ़)। खरसिया से नया रायपुर तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन के अंतर्गत बनने वाले नए स्टेशनों को लेकर इन दिनों स्थानीय स्तर पर नामकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर शिवरीनारायण और खरौद के बीच प्रस्तावित स्टेशन के नाम को लेकर दोनों क्षेत्रों के लोगों में मतभेद की स्थिति बनती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, जहां एक ओर शिवरीनारायण के लोग स्टेशन का नाम अपने नगर के नाम पर रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं खरौद के नागरिक भी अपने क्षेत्र के नाम को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं। इस स्थिति ने विवाद का रूप लेना शुरू कर दिया है।
इसी बीच सक्ती छत्तीसगढ़ की एक सामाजिक टीम ने इस मुद्दे का समाधान निकालते हुए एक नया और अनोखा सुझाव सामने रखा है। टीम का कहना है कि प्रस्तावित स्टेशन का नाम “शबरी धाम” रखा जाए, जिससे दोनों ही क्षेत्रों की भावनाओं का सम्मान हो सके और किसी भी पक्ष को ठेस न पहुंचे।टीम का मानना है कि “शबरी धाम” एक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा नाम है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा को भी दर्शाता है।
इससे न केवल विवाद खत्म होगा, बल्कि स्टेशन की पहचान भी एक खास धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित हो सकेगी।स्थानीय लोगों के बीच इस सुझाव को लेकर अब चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे संतुलित और सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी अपने-अपने क्षेत्र के नाम पर अड़े हुए हैं।अब देखना यह होगा कि प्रशासन और रेलवे विभाग इस सुझाव को कितना महत्व देते हैं और आने वाले समय में स्टेशन का नाम किस आधार पर तय किया जाता है। फिलहाल, सक्ती टीम का यह प्रस्ताव एक संभावित समाधान के रूप में सामने आया है, जो विवाद को समाप्त कर सकता है।

