“पवित्र शुक्रवार “==========परवत कलवारी पर, बेहद तड़पाया गया।
पवित्र मसीहा पर, झूठा इल्जाम लगाया गया।
कोड़ों से मारा गया, क्रूस पे भी चढ़ाया गया।
एक निर्दोष मसीहा पे, खूब जुल्म ढाया गया।
कोमल हाथों और पैरों पर, नूकीला किला ठोका गया, कांटों का ताज पहनाया गया, अपराधी तक बनाया गया।
उनके उपर थूकें गये, अपमानित भी किया गया।
रक्तरंजित हो गये मसीहा, ऐसे बेदर्दी से मारा गया।
दुनियाँ के खुशहाली खातिर, भारी क्रूस तक उठाना पड़ा।
हमारे पापों के खातिर ही, मसीह को प्राण गवाना पड़ा। ” जयलाल कलेत “
