दिनांक: 03.04.2026
!घरघोड़ा। लगता है अवैध शराब कारोबारियों को अब “सरकारी मेहमाननवाजी” ज्यादा पसंद आने लगी है, क्योंकि “ऑपरेशन आघात” के नाम से ही इनके कदम सीधे जेल की ओर बढ़ने लगे हैं। ताजा मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां नदी किनारे चल रही “देसी उद्योग इकाई” पर पुलिस ने ऐसा धावा बोला कि पूरा सेटअप ही धराशायी हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, खेतधरहा नदी किनारे “महुआ फैक्ट्री” बड़े आराम से चल रही थी — बिना लाइसेंस, बिना टैक्स और बिना किसी डर के! लेकिन जैसे ही पुलिस टीम पहुंची, माहौल ऐसा बदल गया जैसे कोई फिल्म का क्लाइमैक्स चल रहा हो।

मुख्य कलाकार छोटू डनसेना रंगे हाथों पकड़े गए, और उनका “स्टार्टअप” मौके पर ही बंद हो गया। पुलिस ने करीब 190 लीटर महुआ शराब जब्त की, जिसकी कीमत भले ₹19,000 बताई जा रही हो, लेकिन मेहनत और “जुगाड़ टेक्नोलॉजी” का हिसाब जोड़ें तो यह नुकसान कारोबारियों के लिए भावनात्मक झटका भी है।

साथ ही, 8 अवैध भट्ठियों को भी ऐसा ठंडा किया गया कि अब वहां सिर्फ राख ही नजर आएगी।बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद बर्तन, टिन टीपा और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए — यानी पूरा “प्रोडक्शन हाउस” सील!

👉 इस पूरी कार्रवाई में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई।
अब आरोपी छोटू डनसेना पर आबकारी एक्ट की गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई की गई है, जिससे उनका अगला “लोकेशन” सीधे जेल हो सकता है।
👉 एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश भी कम दिलचस्प नहीं रहा —उन्होंने साफ कहा कि “ऑपरेशन आघात” यूं ही चलता रहेगा, और अवैध शराब का कारोबार करने वालों को अब “मुख्यधारा” में लौटने का ही विकल्प बचा है, वरना अगला पड़ाव जेल ही है।
निष्कर्ष:घरघोड़ा में अब “महुआ इंडस्ट्री” पर पुलिस का ऐसा ब्रेक लगा है कि कारोबारियों को समझ आ गया होगा —👉 अब या तो धंधा बदलो… या पता बदलो!
