भ्रांतियों के निराकरण, जनप्रतिनिधियों के उन्मुखीकरण और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
एमसीबी/27 मार्च 2026
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ( VB-GRAMG )” को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
यह योजना आगामी 01 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रही है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा पूर्व तैयारी के रूप में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की पहल की गई है।
उक्त कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में योजना के संबंध में फैल रही भ्रांतियों को दूर करना तथा सभी संबंधितों को योजना की सही एवं समग्र जानकारी उपलब्ध कराना रहा,
ताकि भविष्य में इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और सभी ग्राम पंचायतें सक्रिय भागीदारी निभा सकें।कार्यक्रम में जिले की विशेषज्ञ टीम द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया,
जिसमें योजना के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधान, पात्रता, लाभ, क्रियान्वयन की प्रक्रिया तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया।
साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें योजना के विभिन्न पहलुओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।
इसी क्रम में जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ के सभाकक्ष अमृत सदन, भरतपुर एवं खड़गवां जनपद पंचायतों के सभाकक्षों में अलग-अलग कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
इन कार्यशालाओं में कुल 120 आम नागरिकों की सहभागिता रही। साथ ही जनपद पंचायत सदस्य श्री रविशंकर वैश्व, श्रीमती पूजा कोल, श्री आनंद सिंह, श्रीमती अशोतीया बाई,
भैयालाल गोड, रामनरेश सिंह, सीता देवी आयाम, सुश्री सूरतिया सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं उपसरपंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उपस्थित सरपंचों में ग्राम पंचायत लोहारी के मोती सिंह, चनवारीडाड़ के सोनू सिंह, ग्राम पंचायत सिरौली की श्रीमती जुगुम बाई, भलौर के धर्मपाल,
ग्राम पंचायत डोमनापारा की श्रीमती मानमति, ग्राम पंचायत चैनपुर की श्रीमती मीना कुमारी, ग्राम पंचायत डगौरा की श्रीमती कमला, ग्राम पंचायत मुख्तियारपारा की श्रीमती मालती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सहायक परियोजना अधिकारी (मनरेगा) जिला पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यशालाओं के सफल संचालन हेतु प्रोजेक्टर, लैपटॉप सहित सभी आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था की गई थी। साथ ही प्रतिभागियों को योजना संबंधी बुकलेट भी वितरित की गई, जिससे वे भविष्य में भी जानकारी का संदर्भ ले सकें।
कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी सप्ताह में क्लस्टर स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत तक योजना की सही जानकारी पहुंचाई जाएगी और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए मनरेगा कार्यस्थल पर आकस्मिक निधन हुए हितग्राही स्व. भैयालाल की पत्नी अहिल्या बाई को मनरेगा प्रावधान के तहत 25 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक जनप्रतिनिधियों के करकमलों से प्रदान किया गया।
इस पहल से उपस्थित जनसमूह में संवेदनशीलता और प्रशासन के प्रति विश्वास का वातावरण और अधिक मजबूत हुआ।
कार्यशालाओं के माध्यम से जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में योजना के प्रति जागरूकता का व्यापक विस्तार हुआ है, जिससे आने वाले समय में VB-GRAMG योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
