नारायणपुर, 16 मार्च 2026
अबूझमाड़ क्षेत्र दशकों से नक्सल समस्या और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शासन-प्रशासन की पहुँच से दूर रहा है।
ऐसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक प्रशासन की सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुशासन आपके द्वार अभियान शुरू किया गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर के राजपत्रित अधिकारी प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से अपनी आवंटित ग्राम पंचायतों का सघन दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।इसी क्रम में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री राजेंद्र सिंह ने बालक आश्रम हिकपाड़ और बालक आश्रम धुरबेड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रमों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी लेकर छात्रावास अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत बालक आश्रम हिकपाड़ से की गई, जहां उन्होंने बच्चों के आवासीय कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य, रसोईघर सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इसके पश्चात सहायक आयुक्त श्री राजेंद्र सिंह ने बालक आश्रम धुरबेड़ा का निरीक्षण कर वहां अध्ययनरत छात्रों की संख्या, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, भवन की स्थिति, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई तथा स्कूल की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त ने ग्राम पंचायत धुरबेड़ा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन, राशन दुकान और खेल मैदान का भी अवलोकन किया।
इसके साथ ही धुरबेड़ा के देवगुड़ी और गोटूल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग के अजय तिवारी और सतेर कांगे सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
