📍 रायगढ़, 24 फरवरी रायगढ़ जिले में इन दिनों कबाड़ भी वीआईपी ट्रीटमेंट पा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि जहां कुछ लोग उसे “सोना” समझकर ट्रकों में भरकर ले जा रहे थे, वहीं रायगढ़ पुलिस ने उसे सीधे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत सरकारी मेहमान बना लिया।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने सामारूमा मेन रोड पर ऐसी घेराबंदी की कि चार ट्रकों का कबाड़ सफर अधूरा ही रह गया।बताया जा रहा है कि 23 फरवरी 2026 की दोपहर घरघोड़ा से रायगढ़ की ओर बढ़ रहे चार ट्रकों को रोका गया। तलाशी में ट्रकों से लोहे के एंगल, पाइप, टिन और कबाड़ के टुकड़े निकले — कुल मिलाकर करीब 80 टन। यानी इतना लोहा कि अगर सही जगह लगता तो शायद कोई छोटी फैक्ट्री ही खड़ी हो जाती!

💰 कबाड़ की कीमत सुनकर कबाड़ी भी शर्मा जाए! जब्त कबाड़ का बाजार मूल्य लगभग 28 लाख 35 हजार रुपये आंका गया, जबकि चारों ट्रकों समेत कुल 82 लाख रुपये की संपत्ति पर वैधानिक कार्रवाई की गई।
📦 ट्रकवार ‘खजाना’ कुछ यूं मिला:CG14D0528 – लगभग 11 टनCG04ML3765 – लगभग 25 टनCG15AC4339 – लगभग 15 टनAP31TF7866 – लगभग 29 टन ।
इतना माल देखकर पुलिस ने दस्तावेज मांगे… लेकिन चालक महोदय शायद “माल” के भरोसे थे, “कागज” के नहीं। वैध दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके, तो कबाड़ पर चोरी की संपत्ति होने का संदेह गहराया।
⚖️ चालकों पर BNSS और BNS की धाराओं के तहत इस्तगासा क्रमांक 09/2026 से 12/2026 तक कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं, पुलिस कार्रवाई का विरोध करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
👮♂️ एसएसपी का सख्त संदेश ।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने साफ कहा —“अवैध कबाड़, चोरी की संपत्ति और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।”मतलब साफ है — अब कबाड़ भी बिना कागजों के सड़क पर निकला तो समझिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ की रडार पर आना तय है।
🔎 फिलहाल इतना तय है कि रायगढ़ में कबाड़ का कारोबार अब “रिसाइक्लिंग” से ज्यादा “रिस्क-टेकिंग” बन चुका है। पुलिस की नजर सख्त है और ट्रकों में भरा माल अब सीधे थाने की शोभा बढ़ा रहा है।कह सकते हैं —“कबाड़ समझकर हल्के में मत लीजिए… रायगढ़ पुलिस उसे भी गंभीरता से ले रही है!” 🚔
