घरघोड़ा — शहर को ट्रकों-ट्रेलरों का अड्डा समझने वालों पर पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई कर साफ संदेश दे दिया है—अब मनमानी नहीं चलेगी। नो-एंट्री के साफ नियमों के बावजूद भारी वाहन बेखौफ शहर के भीतर घुस रहे थे, मानो कानून सिर्फ बोर्ड पर लिखा हो।

सुबह होते ही बाजार और स्कूल मार्गों पर जब आम लोग अपने काम में निकलते हैं, उसी समय डंपर और ट्रेलर शहर की सड़कों पर फर्राटा भरते दिखे।

शिकायतों की झड़ी के बाद पुलिस ने चेकिंग प्वाइंट लगाकर एक-एक वाहन की जांच की और नियम तोड़ने वालों पर ताबड़तोड़ चालान ठोके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते लगाम नहीं लगाई जाती तो किसी दिन बड़ा हादसा तय था। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर नो-एंट्री के बोर्ड क्या सिर्फ दिखावे के लिए लगाए गए हैं?
क्या कुछ वाहन चालकों को नियमों से छूट मिली हुई है?पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान दिखावे के लिए नहीं, बल्कि नियमित रूप से जारी रहेगा।
अब जो भी भारी वाहन प्रतिबंधित समय में शहर में घुसता पकड़ा जाएगा, उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
शहर में चर्चा है—इस बार पुलिस सच में एक्शन में है। अब देखना यह है कि नियम तोड़ने वालों की आदत पहले सुधरती है या चालान की रकम बढ़ती है।
