

बहुजन समाज पार्टी राज्य सरकार से अनुरोध करती है, की युक्तियुक्तकारण के आदेश को तत्काल वापस ले। अन्यथा बहुजन समाज पार्टी प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेंगा।

एड. संतोष मारकंडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि, शिक्षा के मंदिर को बंद करना छत्तीसगढ़ राज्य के लिए दुर्भाग्य जनक निर्णय है, देश का पहला राज्य होगा जो शैक्षणिक संस्था (स्कूल) नियमित रूप से संचालित है। जिसमें अधिकतर गाँव में रहने वाले अनु.जाति, अनु.जन जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब मजदूर एवं आदिवासी अंचल के टोला में बसे परिवार जन निवासरत है उन्हीं के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते है, राज्य के भा.जा.पा. की सरकार के इस निर्णय से उन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
सरकार की मंशा हैं कि निजी संस्थाओ को लाभ पहुंचने की नियत से यह निर्णय लिया गया है। जिससे सरकार द्वारा सरकारी नौकारियों में पबंदी लगाने हेतु पहला कदम है। आने वाले दिनों मे अनु.जाति, अनु.जन जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के शिक्षित छात्र- छात्राओं को बेरोजगार बनाने का उच्च स्तरीय दुर्गमी षड्यंत्र है। और सरकारी स्कुल बड़़ी मुश्किल से खुलता है। उसे भी बंद किया जा रहा है, बड़ी दुखत है, राज्य सरकार इस निर्णय पर चिंतन करें।
शिक्षकों की जायज मांग की पुरजोर समर्थन करती है। राज्य सरकार युक्तियुक्त करण आदेश को तत्काल पुनः विचार कर आदेश को निरस्त करें। अन्यथा बहुजन समाज पार्टी उक्त आदेश के विरुद्ध उग्र प्रदर्शन आंदोलन करेंगी।
भवदीय
एड. संतोष मारकंडे
जिलाध्यक्ष बसपा रायपुर छ.ग.

