रायगढ़। खरसिया की पत्रकार पूजा जायसवाल के साथ उनके निवास पर हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला रायगढ़ ने गंभीर चिंता जताई है। संघ के जिला अध्यक्ष ने मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार पूजा जायसवाल द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, उनके घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले के बाद संबंधित पक्षों को पुलिस चौकी लाया गया था, जहां थाना प्रभारी के समक्ष हुई बातचीत में संबंधित महिला द्वारा कथित रूप से मारपीट की बात स्वीकार किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में पुलिस चौकी परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज इस मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है।
संघ ने मांग की है कि घटना दिवस की पुलिस चौकी परिसर की CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित रखी जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट अथवा स्वतः डिलीट न हों। साथ ही घर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। किसी भी पत्रकार के साथ इस तरह की घटना चिंताजनक है। पत्रकारों को बिना भय और दबाव के अपना कार्य करने का वातावरण मिलना चाहिए। किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
